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भारत सरकार द्धारा राष्द्रपिता महात्मा गांधी के जन्म षताब्दी वर्ष 1969 में राष्द्रीय सेवा योजना इस आषय के साथ प्रांरभ की गयी कि उच्च षिक्षा से जुडे विद्यार्थीयों में सामाजिक दायित्व, चेतना,स्वप्रेरित अनुषासन, के साथ श्रम के प्रति सम्मान की भावना उत्पन्न हो। विद्यार्थी अपने रिक्त समय एंव अवकाष का सदुपयोग करते हुये समाज सेवा करते हुये अपनी षिक्षा की पूर्णता के साथ वास्तविक परिस्थितियों से साक्षात्कार भी कर सकें। जिससे उनके व्यक्तिव का विकास हो सकें।
(तत्कालीन मध्यप्रदेष) छत्तीसगढ में सन् 1969 में राष्द्रीय सेवा योजना सर्व प्रथम पं. रविषंकर षुक्ल विष्वविद्यालय रायपुर में षुरु की गयी वर्तमान में छ.ग. के 6 विष्वविद्यालयों में 90750 स्वयं सेवक इसके सदस्य हैं।
पं. रविषंकर षुक्ल विष्वविद्यालय में रासेयो के 44 वर्षो के सफर में वर्तमान में 30650 स्वयं सेवको एंव 379 ईकाइयों के साथ विद्यार्थीयों के व्यक्तिव विकास को पूर्ण करते हुये नये आयामों को छु रहा हैं।

रासेयो का उद्धेष्य: समाज सेवा द्धारा विद्यार्थीयों के व्यक्तिव का विकास।
रासयो का लक्ष्य: षिक्षा द्धारा समाज सेवा एंव समाज सेवा के द्धारा षिक्षा।

सिद्धांत वाक्य: मै नही तुम ;छवज उम इनज लवनद्ध
पं. रविषंकर षुक्ल विष्वविद्यालय के कार्यक्रम संमवयक:
1 श्री जे. एस. षुक्ला 1969 से 1973
2 श्री एन. के. तिवारी 1973 से 1975
3 डा. आर. एस. राय 1975 से 1986
4 डा. बी.के. मेहता 1.4.1986 से 30.4.1986
5 डा. डी.के. पाठक 1.5.86 से 15.9.2004
6 डा. समरेन्द्र सिह 16.9.2004 से 13.9.2006
7 डा. डी.आर. नायक 14.9.2006 से 24.11.2006
8 डा. सुभाष चन्द्रकार 24.11.2006 से 25.11.2013
9 सुश्री नीता बाजपेयी 25.11.2013 से निंरतर